क्रांति, आज़ादी और नारीवाद केवल भाषणों या किताबों तक सीमित नहीं हैं । असली इंक़लाब तब होता है जब कोई व्यक्ति समाज के चिराचरित ढांचे के विरुद्ध जाकर अपनी पहचान और विचारों को निर्भीकता से जीता है।आज कल जितना विचित्र दिखोगे, उतने बड़े LGBTQ योद्धा कहलाओगे । हाथों में चूड़ियां न पहनना, सिर मुंडवाना, साड़ी पहनकर विरोध प्रदर्शन करना और अपनी जेंडर आइडेंटिटी को गर्व से प्रदर्शित करना भी एक सामाजिक विद्रोह है। यही साहस असली क्रांति की पहचान है।
इस महीने की सब से विचित्र (क्रांतिकारी) छबि