नमस्ते तीन ताल टीम,
मैं 'तीन ताल' को इसके पहले सीज़न से सुनता आ रहा हूँ और यह शो हमेशा से मेरे दिल के बेहद करीब रहा है।
लेकिन हाल ही में दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' के आंदोलन को लेकर जिस तरह से बार-बार गलत बातें की जा रही हैं, वह मुझे पूरी तरह गलत लगता है। ताऊ, आपसे ऐसे बयानों की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी।
इसके अलावा, सोनम वांगचुक को लेकर ताऊ ने जो असंवेदनशील बातें की हैं, उससे मैं बहुत आहत हूँ। आपने ही पहले कहा था कि *"हम किसी बात को लेकर सहमत या असहमत हो सकते हैं"*, लेकिन मुझे लगता है कि यह बात सहमति-असहमति से परे, अब असहनीय हो चुकी है।
अब समझ नहीं आ रहा कि इतने सालों में इस शो की जो लत लगी थी, वह छूटेगी कैसे... पर शायद अब अलग होने का वक्त आ गया है।
यह मेरा आखिरी संदेश था।