जो बंद हैं आंखे अन्याय देख कर आज,
कल वो आंखे भी फोड़ दी जाएगी।
सब उठे सर कुचले है जालिम ने आज,
कल सब झुके सर भी कट दिए जाएंगे।
जिनमें बाकी है क्रांति की चिंगारी, वो आज बुझा दिये जाएंगे,
कल जला दिया जाएगा उन्हें भी जिनमें केवल गुलामी का अंधेरा बाकी है।