आप तीनों विद्वानों को जय हो।
बात सिर्फ नीट परीक्षा की नहीं है। देश और राज्यों में बहुत सारे पेपर लीक हो रहे हैं। सिस्टम बदलना और सुधार करना भी समाधान नहीं है। क्योंकि यही काम हमने २०१७ में NTA बनकर किया था।
अगर सरकार लीक रोक पाने में सक्षम नहीं है। तो क्या उचित नहीं होगा कि सभी पार्टियां मिलकर संसद में सर्वसहमति से एक कानून बनाएं जिसमें सभी इच्छुक छात्र छात्राओं को सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर प्रश्न पत्र की कॉपी उपलब्ध कराई जाए। गरीबी रेखा से नीचे लोगों और वंचित समाज को उचित सब्सिडी मिले और बैंक को निर्देशित किया जाये कि एडमिट कार्ड दिखाने पर ही प्रश्न पत्र के बराबर राशि लोन में दी जाए।
इस तरह से पेपर लीक माफिया का पूरा सिस्टम नष्ट हो जाएगा और एक असंगठित व्यापार को जो अभी भी हो रहा है, संगठित बनाया जा सकता है जिससे GST कलेक्शन भी बढ़ेगा और ट्रांजेक्शन भी इकॉनमी और जीडीपी में योगदान
25-30 saal purani baaton ko aise batana jaise kal ki ho ghtna ho.. aise log jab Kaljayi movie WELCOME ke सह लेंगे थोड़ा jaise dialogue ko recall nhi kar pate hain to thoda dukh hota hai.
तीन ताल की तिकड़ी को जय हो।
KTS हर एपिसोड में बचपन की नॉस्टैल्जिया में ले जाते हैं। खुजली पर हुए विमर्श से याद आया कि मुझे बचपन में बहुत खुजली हुआ करती थी। पता नहीं वो साइकोलॉजिकल थी या रियल लेकिन खुजवाने में मजा बहुत आता था। एक दिन मैने छोटे भाई से कहा कि पीठ खुजा दे। उस दिन किसी बात को लेकर हमारी लड़ाई हुई थी इसलिए उसने मना कर दिया। चूंकि खुजली बहुत तेज हो रही थी तो मैने इस मामले की शिकायत हाई कोर्ट अर्थात पिताजी से कर दी। पिताजी ने डांटते हुए मेरे पक्ष में फैसला सुनाया। इस फैसले से आहत भाई ने पीठ पर बीच वाली उंगली के नाखून से पूरा जोर लगाकर ऐसी खुजली की कि खाल छूट के अंदर एक सफेद नाली बन गई। उसके बाद कई दिनों तक उसमें जलन पड़ती रही और महीनों तक पीठ में खुजली नहीं हुई।
जय हो जय हो जय हो।