तेरी तल्ख निगाहों का हूँ मैं हकदार खुदा,
कितनी दफा किया है तुझे मैंने इंकार खुदा।।
पुराने वालों पे रंग दुनिया का चढ़ गया,
भेज मेरे लिए कुछ नए यार खुदा।।
क्या हुआ जो आखिर में बेवफा निकल गया वो,
मैं भी तो हूँ किसी की नजर में गुनहगार खुदा।।
हर जुल्म उसको अब बहुत हसीन लगता है
लगता है हो गया है उसे भी प्यार खुदा।।
कुछ लोगों से मिलेगा तो तू अफसोस करेगा,
ये कैसे लोग हैं तेरे झंडाबरदार खुदा।।