10 ,12 वर्ष पहले हमारे फूफा जी के भाई हमारे गांव आए थे शाम में घर वाले मेरे भाई को बोले की लोटा लेके फूफा को शौच करवा आओ भाई को जाने का विल्कुल मन नही था लेकिन डाट खा के गया रास्ते में फूफा जी पूछे तुम्हारा नाम क्या है बाबू तो भाई बोला की नाम गुलशन है पर सब श्री बाबू बोलते है फूफा बोले नाम ही है की कुछ काम भी है भाई बोला जी विल्कुल है बात करते दोनो पहुंच गए जिधर शौच जाते थे फूफा बोले किधर जाना है भाई बोले की बस सामने चले जाइए फूफा बढ़े और मिट्टी के दलदल वाले गढ़े में गिर गए जो चापाकल गाड़ने में बगल में किया जाता है फूफा बोले मान गए बाबू तुम्हारा काम भी श्री बाबू वाला ही है। फूफा दुबारे आजतक हमारे गांव नही आए
तीन ताल के चारों स्तंभों (आप तीन और हम )को नमस्कार मैं पुराना तीनतालिया हू लेकिन कभी चिट्ठी नही लिखा लेकिन जब कार्ड पर चर्चा हुई तो रहा नहीं गया क्योंकि ये मेरा पहला प्यार को खोने का जिम्मेदार हैं दरअसल मेरा ज्यादा तर मित्र हमसे उम्र में 8,10 साल बारे है उन्ही में से एक का साली जो की मेरी प्रेमिका थी और मेरे दोस्त के घर एक शादी में आई हुई थी दोपहर के मेरे दोस्त ने आपने घर के पास बुलाया और बोला यार tas(29) खेलते है मैं बोला ठीक है बैठ गया खेलने खेलते मैं बोला यार चाय थोड़ा बनवा दो तो मजा आ जाए मुझे नही पता ये मजा सजा में बदलने वाला है चाय लेकर आई मेरी प्रेमिका और मुझे तास खेलते देख गांव का गबार समझ बैठी और कुछ दिनों में मेरा और उसका रिश्ता खत्म हो गया लेकिन मेरा 29 से रिश्ता बदस्तूर जारी है लिखे में अशुद्धि के लिए खेद है क्यों की शुद्ध हिंदी बोल तो लेता हू लेकिन लिख नही पता अंत में जय हो