ताऊ को संजय दूर-दर्शी का प्रणाम 🙏🙏
वैसे तो मैं गौरवपूर्ण बिहार की धरती से हूँ, लेकिन पढ़ाई-लिखाई के बाद दिल्ली की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में कहीं खो-सा गया हूँ।
ताऊ, मैं भी उसी पीढ़ी से हूँ जो मॉडर्न, किस्मी बार, पॉपिन्स और खान चाचा की लसलसवा टॉफियों को ही *KHAKAR bada hue hain* हम तो मौसम के हिसाब से अपना स्वाद बदल लेते थे। गर्मियों में “मलाई बर्फ” का इंतज़ार पूरे साल rahta tha.
अब बात टॉफियों की चल ही रही है तो ताऊ, आप एक बार “कॉफी फ्लेवर वाली KOPIKO” ज़रूर चखिए। सस्ती भी है, टिकाऊ भी है, और coffee ka स्वाद ..!!! निवेदन है कि अगले एपिसोड में इसका रिव्यू भी ज़रूर दीजिए।
आपका
तीन तालिया
संजय दूर-दर्शी, दिल्ली