जय हो, जय हो, जय हो
मेरे बचपन का एक दोस्त है जिसका नाम टिंकू है उसके पिता जी का नाम चामू है चामू,उर्फ वाला नाम नहीं है आधिकारिक रूप से सभी दस्तावेजों में चामू नाम ही दर्ज है ये नाम मुझे इतना अच्छा लगता है कि में अपने दोस्त टिंकू को चामू कहकर ही बुलाता हूं
क्या ताऊ,खान चा और सरदार ने कभी अपने दोस्त को उसके पिता के विचित्र नाम लेकर बुलाया है
2 मिनट इस पर भी बात होनी चाहिए
गोलापार, हल्द्वानी, नैनीताल