सभी ज्ञानी पुरुषों को राम राम , राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के एक गांव से हूं, घर से 1100 किमी दूर गुजरात में रेलवे में नौकरी करता हूं , घर जाने को मन हमेशा तरस्ता है नौकरी के साथ पढ़कर एक अच्छी ओर घर के पास की नौकरी का पेपर पास किया लेकिन दिल एक गलती कर बैठा यूपी की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी से उसकी डिग्री की थी जिस पर जांच पिछले 6 महीने से चल रही है दिल में हमेशा डर बना रहता है क्या होगा, और अगर कुछ गलत हुआ तो किस हद तक हो सकता है इसी सोच विचार में डूबा रहता था लेकिन एक दिन एक ias का इंटरव्यू देख रहा था उसने अपनी hobby में तीन ताल का जिक्र किया मैने सर्च करके देखा मन उदास था तो आप लोगों में मन धीरे धीरे लगा और मुझे किसी चीज की लत नहीं लगती उदासी में ओशो की लत लगाने की सोची लेकिन नहीं लगी लेकिन आप लोगों की बात ही अलग है मुझे सब मिल गया, गुरु भी, दोस्त भी, बहुत बहुत धन्यवाद जय हो जय हो