बहुत बात मन में आती है और फिर रुक जाता हूँ, ताऊ से एक विनती है इस बार लॉ ऑफ नेचुरल जस्टिस पर बात की जाए।
खासकर sc st act और यूजीसी को लेकर।
मुद्दा यह होना चाहिए कि सौ अपराधी को सजा देना ज्यादा जरूरी है या एक निरपराधी को सजा से बचाना।
अगर आप कहेंगे कि १०० अपराधी को सजा देना तो फिर उसमें जो एक निरपराधी को सजा होगी उसके अपराधी जो कि सिस्टम और सरकार में बैठे हजारों लोग हैं उनके सजा का क्या?
ताऊ एकदम निष्पक्ष होकर जैसा कि आप हमेशा होते हैं इस मुद्दे पर चर्चा कीजिए।
पहली बार लिख रहा हूं शामिल हुआ तो और भी धर्मसंकट में डालने की कोशिश जारी रखूंगा।
जय हो जै हो जै हो।