जो चली गई उसके लिए लिखा,,,,,
आपकी रूह से जो दिख रहा हूं मै
यार उसको क्या छुपाओगे
आपके ख्वाब में जो, खिल रहा हूं मैं
यार उसको क्या मिटाओगे
आपके नूर का हिस्सा बना हूँ
अब बताओ, नूर को कैसे घटाओगे
यदि पूछेगा कोई तुमसे तो
क्या बताओगे
जूठी कहानियों में मुझे
कैसे सझाओगे
☆ काच तो नहीं की दिल छूट जाए
अब बताओं जख्म को कैसे छुपाओगे
रोकता हूं एक सुन लो
फिर बहुत पछताओगे
हमे पता है रो-रोकर छुप छुपकर
हर रोज मलहम लगाओगे
Rajtilak..kusum