ऐ प्रेयसी,
अगली बार प्रेम मत करना,
सौदा करना।
पहले उसके कंधे नाप लेना,
बाज़ार में यही सबसे ज़्यादा बिकते हैं।
यह मत देखना
कि उन पर तुम्हारे दुख टिक भी पाएँगे या नहीं।
उसकी छाती भी नाप लेना,
लोग कहते हैं—बहुत चौड़ी है।
दिल का हिसाब छोड़ देना,
वह किसी दर्ज़ी की फीते में नहीं आता।
उसकी कमर की अकड़ भी देख लेना,
कहीं ऐसा न हो
कि वह दुनिया के सामने तो झुक जाए,
पर तुम्हारे आँसुओं के आगे
सीधा ही खड़ा रहे।
उसकी जाँघें,
उसकी भुजाएँ,
उसकी देह का एक-एक इंच
ठीक से परख लेना।
बस यह मत पूछना
कि रास्ता लंबा हो जाए
तो क्या वह तुम्हारे साथ चलेगा भी?
ऐ प्रेयसी,
अगली बार प्रेम मत करना,
सौदा करना।