"सरकार सुनने वाली नहीं है..." 😄
किसी ने बड़ी गहरी बात कही थी— "जब लोगों में सुनने का सब्र न रहा, तो मैंने बोलना कम कर दिया।"
अब बात उस महान वैज्ञानिक प्रयोग की, जिसका नाम है इथेनॉल। 😄
हमने तो खून-पसीने की कमाई और EMI पर बाइक-कार खरीदी थी, लेकिन अब लगता है गाड़ी भी रोज़ "डाइट प्लान" पर है।
पिछले कुछ दिनों से मैं भी देसी रिसर्च में लगा हूँ। आधा टैंक E20, आधा टैंक XP95 भरवा रहा हूँ। हिसाब लगाऊँ तो मेरी गाड़ी अब लगभग E12.5 पर चल रही है।
अब अगली बार पेट्रोल पंप वाला पूछेगा— "सर, कितना पेट्रोल डालूँ?" मैं कहूँगा— "भाई, ऐसा कॉकटेल बना कि इंजन भी खुश रहे और सरकार भी!" 😂
वैसे अगर इसी रफ्तार से प्रयोग चलते रहे, तो आने वाले समय में गाड़ी खरीदते वक्त माइलेज नहीं, "आज कौन-सा E-फ्लेवर चल रहा है?" पूछना पड़ेगा! 🤭
नोट: विज्ञान और सरकार दोनों का सम्मान करते हुए मुस्कुराइए। 😉