खुद के पुराने कपड़े होने पर भी नए तुझे ले देता है,ये पिता है मेरे दोस्त तेरे लिए हर जख्म सह लेता है।
तेरे सिर पर हमेशा छत रहे इसलिए कड़ी धूप में भी मेहनत करने निकल जाता है,खुद बुखार से तप भी रहा हो मगर, तेरी एक ख्वाइश के लिए दिन और रात एक कर लेता है ,ये पिता है मेरे दोस्त तेरे लिए हर जख्म सह लेता है।
रोटी खिलाने वाली मां पर बहुत प्यार तुने लुटाया है,जाने कितनी बार उसके हाथ चूम तुने उसे सीने से लगाया है।
मगर तेरी खुशी के लिए रोटी कमाने वाला पिता अपने हाथो की दरारों को मुट्ठी बंद कर तुझेसे छुपा लेता है।
खुद पैरो में इसके चप्पल रहे ना रहे ,मगर नंगे पांव ना तुझे रहने देता है।
यह पिता है मेरे दोस्त तेरे लिए हर जख्म सह लेता है।
@Sardar plz yeh Aap apni awaz main pad denge mere papa ko dedicate karna chahta hu, charan sparsh Tau & khan cha.
@Sardarखुद के पुराने कपड़े होने पर भी नए तुझे ले देता है,ये पिता है मेरे दोस्त तेरे लिए हर जख्म सह लेता है।
तेरे सिर पर हमेशा छत रहे इसलिए कड़ी धूप में भी मेहनत करने निकल जाता है,खुद बुखार से तप भी रहा हो मगर, तेरी एक ख्वाइश के लिए दिन और रात एक कर लेता है ,ये पिता है मेरे दोस्त तेरे लिए हर जख्म सह लेता है।
रोटी खिलाने वाली मां पर बहुत प्यार तुने लुटाया है,जाने कितनी बार उसके हाथ चूम तुने उसे सीने से लगाया है।
मगर तेरी खुशी के लिए रोटी कमाने वाला पिता अपने हाथो की दरारों को मुट्ठी बंद कर तुझेसे छुपा लेता है।
खुद पैरो में इसके चप्पल रहे ना रहे ,मगर नंगे पांव ना तुझे रहने देता है।
यह पिता है मेरे दोस्त तेरे लिए हर जख्म सह लेता है।
@Sardar plz yeh Aap apni awaz main pad denge mere papa ko dedicate karna chahta hu, charan sparsh Tau & khan cha.