त्रिदेवों को जय हो !
TT का रेगुलर श्रोता हूँ , TT स्टॉफ़ अपनी दुविधाओं पर अक्सर प्रश्न करते रहते हैं, परिस्थितियाँ भिन्न होने के कारण सटीक मार्गदर्शन कठिन होता है । मैं नौसेना ट्रेनिंग के दौरान एक ज्ञानी ट्रेनर द्वारा अनौपचारिक चर्चा में सिखाए गए PNI Factor वाला Method शेयर करता हूँ । किसी भी विषय के P पॉजिटिव N नेगेटिव & I इंट्रेस्टिंग प्वाइंट्स को नोट कर लीजिये । एक टेबल बनाकर सारे बिंदु लिखते जायें । सभी पर ध्यान देकर आत्म मंथन कीजिए। अब अगर पॉजिटिव या नेगेटिव पॉइंट्स में जो ज़्यादा है उसी तरफ़ फ़ैसला करना है । इंट्रेस्टिंग वाले मुद्दे निर्णय लेने में संभवतः कम मददगार होंगे लेकिन महत्वपूर्ण ज़रूर है । इस तरीके से लिया गया फ़ैसला कुछ भी हो वो पूरे सोच विचार के बाद होगा और अगर सही तरीक़े से किया गया तो सही भी होगा । इस Tested &Tested method सीखने के लिए मुझे कांटेक्ट कर सकते हैं 🙏
त्रिदेवों को जय हो !
काफ़ी दिन हो गया TT का रेगुलर श्रोता हूँ , अक्सर एक बात अनुभव किया है कि कई श्रोता अपनी दुविधाओं को लेकर अक्सर प्रश्न करते रहते हैं, जिसका जवाब देना बहुत मुश्किल होता है ।
मैं अपने व्यक्तिगत तरीक़े को शेयर करता हूँ । PNI फैक्टर निकालना और उसके हिसाब से निर्णय लेना । किसी भी विषय के P पॉजिटिव N नेगेटिव & I इंट्रेस्टिंग प्वाइंट्स को नोट कर लीजिये । एक टेबल बनाकर सारे बिंदु लिखते जायें । सभी पर ध्यान देकर आत्म मंथन कीजिए। पॉजिटिव या नेगेटिव पॉइंट्स में जो ज़्यादा है उसी तरफ़ फ़ैसला करना है । इंट्रेस्टिंग वाले मुद्दे निर्णय लेने में संभवतः कम मददगार होंगे लेकिन महत्वपूर्ण ज़रूर है । इस तरीके से लिया गया फ़ैसला कुछ भी हो वो पूरे सोच विचार के बाद होगा और अगर सही तरीक़े से किया गया तो सही भी होगा । मैं कई वर्षों से ऐसा करता हूँ और मेरे लिए तो हिट है ये ।
धन्यवाद 🙏
जय हो जय हो जय हो !
मेरा पहला पत्र शामिल करने के लिए धन्यवाद । मेरा Pen Name सुनकर ख़ान चा कि हँसी ने दिन क्या पूरा सप्ताह बना दिया ( नाम इसी बात के लिए रखा ही गया है) । इसी 3 April को 52th Birthday मना रहा हूँ । ताऊ की तरह मैं तीसरे पहलू की दृष्टि रखता हूँ , उदाहरण के लिए अन्ना आंदोलन के दिनों में भी मुझे सब तमाशा ही लगता था । ख़ान चा is लभ 🥳, सरदार की भाषा माशाल्लाह ❤️ बहुत सारे किस्से हैं , अंग्रेज़ी साहित्य से PG करने के पीछे भरी कक्षा में हुई जलालत हो या दसवीं में फेल होने के बाद बाउंस बैक करने का । आज ठीक ठाक व्यावसायिक सफलता और अच्छी सामाजिक हैसियत के पीछे बचपन के अभावों से संबंधित तमाम किस्से हैं जो शेयर करना चाहता हूँ । मैं काक भूसुण्डी फैन हूँ और उनकी किस्सागोई बहुत अच्छी लगती है ।
यदि संभव हो तो कभी Atul जी को किसी एपिसोड में आप तीनों के साथ शामिल कीजिए ।
जय हो ! जय हो ! जय हो !
वर्ष 2001 की बात है मैं छुट्टियों में गाँव गया था और अपने हेडमास्टर जो की हरिजन वर्ग के थे मिलने उनके घर गया, उम्रदराज होने के कारण वे मुझे पहचान नहीं पाये , परिचय देने पर और मेरी नौ सेना में सर्विस जानकर गौरवान्वित हुए । हालचाल के बाद मेरे लिए पड़ोस के घर से पानी को व्यवस्था करवाने लगे, मैंने दलान में रखे बाल्टी से एक लोटा पानी लेकर, एक लड्डू उठाकर खाया और पानी पिया । देखा तो मुंशीजी के आँखों में आंसू थे । मैंने कहा आप मेरे गुरु हैं और आपका स्थान माँ पिता के समान है ।
अब मुंशी जी नहीं हैं लेकिन उनकी वो ख़ुशी आज भी याद आती है तो बहुत अच्छा लगता है । अगर मैं जाति पांति और छुआछूत की बेड़ियों से मुक्त न हुआ होता तो आज पछतावा होता । छुआछूत सामाजिक अपराध तो है ही साथ में पूर्ण रूप से अमानवीय भी है। किसी भी सभ्य समाज के लिए ये कलंक है ।
जय हो ! जय हो ! जय हो !
वर्ष 2001 की बात है मैं छुट्टियों में गाँव गया था और अपने हेडमास्टर जो की हरिजन वर्ग के थे मिलने उनके घर गया, उम्रदराज होने के कारण वे मुझे पहचान नहीं पाये , परिचय देने पर और मेरी नौ सेना में सर्विस जानकर गौरवान्वित हुए । हालचाल के बाद मेरे लिए पड़ोस के घर से पानी को व्यवस्था करवाने लगे, मैंने दलान में रखे बाल्टी से एक लोटा पानी लेकर, एक लड्डू उठाकर खाया और पानी पिया । देखा तो मुंशीजी के आँखों में आंसू थे । मैंने कहा आप मेरे गुरु हैं और आपका स्थान माँ पिता के समान है ।
अब मुंशी जी नहीं हैं लेकिन उनकी वो ख़ुशी आज भी याद आती है तो बहुत अच्छा लगता है । अगर मैं जाति पांति और छुआछूत की बेड़ियों से मुक्त न हुआ होता तो आज पछतावा होता । छुआछूत सामाजिक अपराध तो है ही साथ में पूर्ण रूप से अमानवीय भी है। किसी भी सभ्य समाज के लिए ये कलंक है ।