क्या लेकर आए थे और क्या लेकर जाओगे? पढ़ लिया गीता में और भाषण देने लगे। मतलब भी समझते हो इसका?इसका सिंपल अर्थ है कि अपनी रिटर्न सही-सही और समय पे फाइल करो... तुमसे हिसाब माँगा जा रहा है कि बताओ क्या लेकर आए थे 31 मार्च तक और क्या ले के जाओगे 31 मार्च के बाद?
कभी सोचा है कि 1 अप्रैल को ही मूर्ख दिवस क्यों कहा जाता है? क्योंकि आफ्टर फाइलिंग, अवर रिटर्न, डेट इज़ द वेरी फर्स्ट डे जब या तो हम इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को मूर्ख बनाते हैं या डिपार्टमेंट हमको मूर्ख बनाता है। वो ऑल प्ले गेम ऑफ फूल्स।
हमारा वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल, यानी मूर्ख दिवस से शुरू होकर 31 मार्च, अर्थात धूर्त दिवस पर समाप्त होता है।
पढ़-लिख गए, लेकिन इतना भी नहीं समझते कि मूर्खता से शुरू होने वाला जीवन धूर्तता पर ही समाप्त होता है।
यह पंक्तियां हमाये बुंदेलखंड की शान आशुतोष राणा जी (दादा) की पुस्तक मौन मुस्कान की मार से ली गई है।